एक साथ इतने सारे लोग का वशीकरण?
आज हम धर्म के आधार पर बटे हुए पर सच में यह किसने बताया कि तुम्हारा धर्म क्या है कि तुम्हारी जाति क्या है आपके मां बाप ने और समाज में और उनको किसने बताया उनके मां-बाप और उनके समाज में और यही सिलसिला पीढ़ी दर पीढ़ी चला रहा है हकीकत तो किसी को कुछ पता ही नहीं है ना ! छोटा बच्चा जब पैदा होता है तब उसे कुछ पता नहीं होता है एक तरह से एक ब्लैंक नोटबुक जैसा होता है एक बिना छपे हुए कागज के जैसे और आपको जो लिख देते हैं उसके हिसाब से उसकी तकदीर जाकर में उसकी जाति सब कुछ निर्धारित होती है उस पर लिखे गए अच्छे शब्दों से धर्म ग्रंथ पुस्तक लिखे गए बुरे शब्दों से बुरी चीजें या कुछ भी बना देते हैं
हम लोग ऐसे हैं कि हमने जानवरों तक को हिप्नोटाइज कर लिया जानवरों के हमने पालतू बना लिया उनको हमने हिप्नोटाइज कर लिया वह जंगल में रहते थे उन्होंने घर के लायक बना लिया
सर हम यह नहीं जानते हम कर किसके कहने पर रहे हैं हम बस भीड़ की तरह भीड़ में चलते रहते हैं कोई फर्क नहीं पड़ता है क्यों है क्यों जानने की आदत नहीं है हमें बस फॉलो करते रहो चाहे राजनीति हो चाहे न्यूज़ मीडिया जो हमें देखा है बस उस पर विश्वास करते रहो जानने की कोशिश मत करना कि ऐसा क्यों है
हम लोग ऐसे हैं कि हमने जानवरों तक को हिप्नोटाइज कर लिया जानवरों के हमने पालतू बना लिया उनको हमने हिप्नोटाइज कर लिया वह जंगल में रहते थे उन्होंने घर के लायक बना लिया
सर हम यह नहीं जानते हम कर किसके कहने पर रहे हैं हम बस भीड़ की तरह भीड़ में चलते रहते हैं कोई फर्क नहीं पड़ता है क्यों है क्यों जानने की आदत नहीं है हमें बस फॉलो करते रहो चाहे राजनीति हो चाहे न्यूज़ मीडिया जो हमें देखा है बस उस पर विश्वास करते रहो जानने की कोशिश मत करना कि ऐसा क्यों है यह
भगवान किसी एक की कल्पना थी चित्र आज हम देखते हैं यह भी किसी की कल्पना थी पर आज हकीकत जैसा है
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